Tulsi Pujan Diwas Kyon Manaya Jata Hai | तुलसी पूजन दिवस 2022, पौराणिक मान्यताएं

दोस्तों आज है तुलसी पूजन दिवस, इस पावन दिवस पर ढेर सारी शुभकामनाएं। आज हम आपको बताएंगे तुलसी की पूजा कैसे करें और तुलसी पूजन के क्या हैं?

हिंदू धर्म में तुलसी को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए हिंदू धर्म के लोग तुलसी को मां का रूप मानकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में तुलसी होती है, वहां रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है। आयुर्वेद में सेहत के लिए तुलसी के कई गुण बताए गए हैं।

शास्त्रों में इस बात का जिक्र है कि अगर घर में संकट आने वाला है तो सबसे पहले उस घर से लक्ष्मी यानी तुलसी चली जाती है और वहां दरिद्रता रहने लगती है। तुलसी केवल एक पौधा नहीं है, बल्कि यह पृथ्वी के लिए वरदान है। जिसके कारण इसे हिंदू धर्म में पूजनीय और औषधीय माना जाता है। तुलसी की पूजा करने से न सिर्फ चमत्कारी लाभ मिलेगा, बल्कि लोगों को तुलसी के फायदों का भी ज्ञान होगा.

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Tulsi Pujan Diwas Kab Hai 2022
Date Sunday, 25 December
महत्व हिंदू धर्म में इसे पवित्र माना जाता है। आयुर्वेद में तुलसी को अमृत कहा गया है क्योंकि यह एक औषधि भी है।
Tulsi Pujan Diwas Kyon Manaya Jata Hai

प्राचीन काल से ही घर के आंगन में तुलसी की पूजा करने की परंपरा रही है। चाहे राजा का घर हो या किसी गरीब का। तुलसी का पौधा घर में रखना न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।

शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र माना गया है। इसलिए घर में तुलसी का होना अनिवार्य है। कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी होती है वहां देवी-देवताओं का वास होता है।

वैज्ञानिक रूप से तुलसी के पौधे से लाभकारी तत्व निकलते हैं, जो घर में मच्छरों और अन्य कीड़ों के प्रवेश को कम करते हैं।

तुलसी से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं

ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम ने गोमती के तट पर तुलसी लगाई थी और भगवान कृष्ण ने वृंदावन में तुलसी लगाई थी। अशोक वाटिका में सीता जी ने रामजी की प्राप्ति के लिए तुलसी जी की मानस पूजा का ध्यान किया था। पार्वती जी ने शंकर जी की प्राप्ति के लिए हिमालय पर्वत पर तुलसी का एक वृक्ष लगाया था।

ऐसी भी मान्यता है कि लंकापति राजा रावण के भाई विभीषण भी प्रतिदिन तुलसी की पूजा करते थे। यही कारण था कि उनके महल में भी तुलसी का पौधा था। जब हनुमान जी ने लंका दहन के दौरान विभीषण के महल में इस पौधे को देखा था।

तुलसी के पत्ते कई रोगों में उपयोगी होते हैं

तुलसी की चाय पीने से पेट में दर्द और सिर दर्द, जुखाम ठीक हो जाता है। इसके अलावा तुलसी के और भी कई फायदे हैं इसलिए घर में तुलसी का पौधा लगाएं।

लेकिन तुलसी पूजा के कुछ नियम और तरीके हैं जिनके बारे में सभी को जानकारी नहीं है। तो आज हम आपको बता रहे हैं तुलसी की पूजा कैसे करें और तुलसी पूजा के नियम।

तुलसी पूजन की विधि ?

तुलसी पूजा करने के लिए सबसे पहले पूजा की थाली, शुद्ध जल का बर्तन, गंगाजल, अगरबत्ती, घी का दीपक, हल्दी और सिंदूर इकट्ठा करें।

अब आंगन में रखी तुलसी के पास जाएं और सबसे पहले तुलसी जी को प्रणाम करें। उसके बाद जल चढ़ाते समय इस मंत्र का पाठ करें-

"महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधी व्याधि हर नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।"

मंत्र जाप के बाद उन्हें सिंदूर और हल्दी चढ़ाएं। क्योंकि यह उनका श्रृंगार है। इसके बाद तुलसी जी के सामने घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। उसके बाद शालिग्राम और वृंदादेवी का स्मरण करके तुलसी जी का जयकारा करें। अब तुलसी मां की आरती गाएं और फिर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करें।

घर में है तुलसी तो इन नियमों का करें पालन?

अगर आपके घर में तुलसी जी है और आप नियमित रूप से उनकी पूजा करते हैं तो आपके लिए इन नियमों को जानना जरूरी है।

शास्त्रों के अनुसार एकादशी, रविवार और सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। इसके अलावा तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की गलती हो सकती है।

रोज पूजा- यदि घर में तुलसी हो तो प्रतिदिन नियमित रूप से तुलसी की पूजा करनी चाहिए। और शाम को तुलसी में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। कहा जाता है कि जिस घर में शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाया जाता है, वहां लक्ष्मी जी का वास होता है।

वास्तु दोष से बचाये- घर के आंगन में तुलसी होने से कई तरह के वास्तु दोष समाप्त होते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है।

बुरी नजर से बचाएं- तुलसी का पौधा होने से परिवार के सदस्यों और घर को नुकसान नहीं होता है और घर में कोई भी नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय नहीं होती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

सूखा पौधा न रखें- अगर घर में तुलसी का पौधा सूख जाए तो उसे किसी नदी या बहते पानी में फेंक देना चाहिए। क्योंकि सूखे पौधे को घर में रखना अशुभ माना जाता है।

पत्ता मत चबाओ- किसी भी प्रसाद या खाद्य पदार्थ में तुलसी का सेवन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उसे चबाकर नहीं बल्कि निगल लिया जाए। ऐसे में तुलसी का सेवन कई बीमारियों में फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें मरकरी मेटल के कई ऐसे तत्व होते हैं, जिन्हें चबाने से दांतों को नुकसान हो सकता है। इसलिए तुलसी के पत्तों को चबाएं नहीं।

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