World Soil Day | विश्व मृदा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है | मिट्टी दिवस का महत्व क्या है?

World Soil Day in Hindi 2021: विश्व मिट्टी दिवस मनाने का मकसद यही है कि आम लोग भी मिट्टी की महत्ता के बारे में जानें और जागरूक हों और समझें कि मिट्टी का संरक्षण क्‍यों आवश्यक है.

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World Soil Day Kab Manaya Jata Hai?
Date हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है।
स्थापना पहला विश्व मृदा दिवस 5 दिसंबर, 2014 को मनाया गया था.
विवरण #WorldSoilDay का उद्देश्य मिट्टी के प्रबंधन में बढ़ती चुनौतियों का समाधान करके मिट्टी की जैव विविधता के नुकसान को रोकना और लोगो को जागरूक करना है.
World Soil Day

विश्व मृदा दिवस कब मनाया जाता है?

मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिक तंत्र के लिए महत्वपूर्ण मिट्टी की गुणवत्ता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विश्व मृदा दिवस क्यों मनाया जाता है?

जनसंख्या विस्तार की वजह से बढ़ रही समस्याओं को उजागर करता है. इस वजह से मिट्टी के कटाव को कम करना जरूरी है और इस दिशा में काम करना आवश्यक है, ताकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. मिट्टी का निर्माण विभिन्न अनुपातों में खनिज, कार्बनिक पदार्थ और वायु से होता है.

यह जीवन के लिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे पौधे का विकास होता है और यह कई कीड़ों और जीवों के लिए रहने की जगह है. यह भोजन, कपड़े, आश्रय और चिकित्सा सहित चार आवश्यक 'जीवित' कारकों का स्रोत है. इसलिए, मिट्टी का संरक्षण आवश्यक है. इस वजह से मिट्टी के नुकसान के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) मनाया जाता है.

विश्व मृदा दिवस का इतिहास क्या है?

विश्व मृदा दिवस हर साल थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज के जन्मदिन पर मनाया जाता है। उनका जन्म 5 दिसंबर को ही हुआ था। राजा भूमिबोल अदुल्यादेज के बारे में कहा जाता है कि राजा भूमिबोल ने थाईलैंड पर 70 साल तक शासन किया था।

इस दौरान राजा भूमिबोल ने कृषि पर विशेष ध्यान दिया। यह भी कहा जाता है कि राजा भूमिबोल अपने देश के हर गरीब और किसान से मिलते थे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करते थे।

यह राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (एच.एम. राजा भूमिबोल अदुल्यादेज) के आधिकारिक जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए किया गया था, जो पहल के मुख्य समर्थकों में से एक थे।

वर्ष 2002 में, अंतर्राष्ट्रीय मृदा विज्ञान संघ ने लोगों को मिट्टी के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मिटटी दिवस शुरू करने की सिफारिश की। थाईलैंड देश के नेतृत्व में और वैश्विक मृदा भागीदारी के ढांचे के भीतर खाद्य और कृषि संगठन ने वैश्विक जागरूकता बढ़ाने वाले मंच के रूप में विश्व मृदा दिवस की औपचारिक स्थापना का समर्थन किया।

जिसके बाद खाद्य और कृषि संगठन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन ने सर्वसम्मति से जून 2013 में विश्व मृदा दिवस का समर्थन किया और 68वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासभा में आधिकारिक रूप से दिन को अपनाने का अनुरोध किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 दिसंबर 2014 को पहला आधिकारिक विश्व मृदा दिवस घोषित किया।

विश्व मृदा दिवस का उद्देश्य क्या है?

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य किसानों और आम लोगों को मिट्टी के महत्व के बारे में जागरूक करना है। दुनिया के कई हिस्सों में उपजाऊ मिट्टी बंजर है और किसानों द्वारा अधिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के कारण मिट्टी के जैविक गुणों में कमी के कारण इसकी उर्वरता कम हो रही है। इसके लिए किसानों और आम जनता को इसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

विश्व मृदा दिवस का महत्व क्या है?

विश्व के अनेक देश कृषि प्रधान हैं। इस दृष्टि से, संयुक्त राष्ट्र ने मृदा संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए किसानों के लाभ के लिए कई अभियान चलाए हैं।

भारत में आधी आबादी कृषि पर निर्भर है। भारत में भी मृदा संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए देश के 'स्वस्थ धारा, हरित खेत' का नारा देकर किसानों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है।

भारत में किसानों के लाभ के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें किसान फसल बीमा योजना प्रमुख है। इसके अलावा 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिट्टी की गुणवत्ता में विशेष सुधार के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरुआत की थी।

वर्ष 2020-21 के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी) के तहत राज्य सरकारों को 4000 करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन किया गया. इस योजना से किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं।

विश्व मृदा दिवस के थीम्स क्या है?

वर्ष 2020 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – मिट्टी को जीवित रखें, मिट्टी की जैव विविधता की रक्षा करें (Keep soil alive, Protect soil biodiversity) था।

वर्ष 2019 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – मिट्टी का कटाव रोकें, हमारा भविष्य संवारें (Stop soil erosion, Save our future) था।

वर्ष 2018 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – मृदा प्रदूषण का समाधान बनें (Be the Solution to Soil Pollution) था।

वर्ष 2017 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – मिट्टी की देखभाल जमीन से शुरू होती है (Caring for the soils starts from the ground) था।

वर्ष 2016 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – मिट्टी और दलहन: जीवन के लिए सहजीवन (Soils & Pulses: Symbiosis for life) था।

वर्ष 2015 में विश्व मिट्टी दिवस का थीम) – स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ मिट्टी (Healthy soils for a healthy life) था।

मिट्टी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:

मृदा अपरदन रोकने का सर्वोत्तम उपाय - वनरोपण

काली मिट्टी किस फसल के लिए सर्वाधिक उपयोगी है - कपास

कौन सी फसल मिट्टी को नाइट्रोजन से भरपूर बनाती है - मटर

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए क्या आवश्यक है - फसल चक्रण

भारतीय मिट्टी में किस सूक्ष्म तत्व की सबसे अधिक कमी है - जिंक

भारत में सर्वाधिक क्षारीय क्षेत्र किस राज्य में पाया जाता है- उत्तर प्रदेश

भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए कौन सी फसल उगाई जाती थी - उड़द

पौधों को सबसे अधिक पानी किस मिट्टी में मिलता है - चिकनी मिट्टी में

भारत में लाला मिट्टी की अधिकतम सीमा कहाँ है - आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु

किस मिट्टी में लोहा और सिलिका सबसे अधिक पाया जाता है - लैटेराइट मिट्टी

सामान्य फसल उगाने के लिए मिट्टी का pH मान कितना होना चाहिए - 6 से 7

अम्लीय मिट्टी को खेती योग्य बनाने के लिए किसका उपयोग किया जाता है - चूना

मिट्टी में लवणता और क्षारीयता की समस्या का समाधान क्या है - जिप्सम (कैल्शियम सल्फेट)

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